Wednesday 17th of June 2026

ब्रेकिंग

अदाणी केपीएल में विश्व पर्यावरण सप्ताह - 2026 का समापन: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से 1500 पौधरोपण के साथ हरित भविष्य का लिया

वन विभाग के निर्माण कार्य में किया हस्तक्षेप, पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी फरार।

123 सपने, एक मिशन: एनटीपीसी कोरबा ने बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026 की परिवर्तनकारी सफलता का मनाया उत्सव।

कैबिनेट मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण।

जनदर्शन में संवेदनशील पहल -कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने दिव्यांग हितग्राही को तत्काल व्हीलचेयर प्रदान कर पहुंचाई राहत।

कोरबा : सीबीआई की चार्जशीट से साफ बिरनपुर अस्केद में भाजपा ने सांप्रदायिक और जातीय कार्ड खेला था -पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह

कोरबा( न्यूज उड़ान) बिरनपुर मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत में अपनी चल शीट दाखिल किया है।

खबरों में सीबीआई की चार्ज शीट के तथ्य भी सार्वजनिक हुई है।

सीबीआई ने चार्जशीट में घटना का विस्तृत विवरण दिया है।

उनकी विवेचना में स्पष्ट हुआ है कि यह घटना क्रम दो बच्चों के झगड़े से शुरू हो कर दो परिवारों तक पहुंचा और बाद में यह दो समुदाय का झगड़ा बन गया।

सीबीआई ने अपनी जांच में यह भी पाया कि इस घटना में कोई राजनीतिक षड्यंत्र नहीं था, यह एक मामूली झगड़ा था जिसने खूनी रूप ले लिया।

सीबीआई जांच की बिंदु भाजपा सरकार ने तय किया था यदि जांच के बिंदु में घटना के बाद राजनीतिक षड्यंत्र होता तो भाजपा बेनकाब हो जाती।

बिरनपुर मामले में सीबीआई जांच की चार्ज शीट से साफ हो गया कि उस समय भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार और कांग्रेस पार्टी पर जो आरोप लगाया था वह झूठा था।

यह आरोप भाजपा की चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से किसी की गई राजनीतिक साजिश थी।

सीबीआई की चार्ज शीट ने भाजपा काला चेहरा सामने रख दिया। भाजपा ने उस समय घटना को सम्प्रदायिक और जातीय रंग दे कर राजनीतिक लाभ लेने का षड्यंत्र रचा था।

तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अरुण साव घटना के बाद वहां जा कर पूरे घटना क्रम को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किए और उसमें में सफल भी रहे।

अरुण साव जब घटना स्थल गये थे, तब उनके सामने आगजनी की गयी थी. वे वहां पर भड़काऊ भाषण दिये थे।

इस मामले को लेकर भाजपा ने एक समाज को कांग्रेस के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया।

प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह सभी ने अपनी चुनावी सभा में इस दुर्भाग्य जनक घटना को धार्मिक और जातीय झगड़े से जोड़कर प्रस्तुत किया।

भाजपा ने मृतक भुवनेश्वर के पिता इस ईश्वर साहू को टिकट देकर सहानुभूति बटोरने की साजिश किया।

सीबीआई की जांच यह भी साफ हो गया कि उस समय कांग्रेस की सरकार ने जो कार्यवाही की घटना के लिए जिम्मेदार मान कर जिन लोगों की गिरफ्तारिया कि वह सही थी।

भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का झूठा और मनगढ़त आरोप लगाया था तथा भाजपा नेताओं ने उस समय राजनैतिक लाभ लने ध्रुवीकरण के लिए गलत बयानी किया था।

ईश्वर साहू भी अपने बयानों में जिस व्यक्ति अंजोर यदु पर आरोप लगाते थे उसे भी सीबीआई से दोषी नहीं माना है, सीबीआई की चार्ज शीट में इसका कोई उल्लेख नहीं है। इससे साफ है कि बिरनपुर मामला भाजपा की सोची समझी साजिश।

भाजपा के इस षड्यंत्र का कांग्रेस को राजनैतिक रूप से नुकसान हुआ।

सीबीआई को चार्ज शीट के बाद तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान उप मुख्यमंत्री अरुण साव में जरा भी नैतिकता हो तो अपना पद से त्याग पत्र दे कर छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने गैर जिम्मेदाराना भाषण के लिये छतीसगढ़ की जनता से माफी मांगे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन