Thursday 25th of June 2026

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जिला एवं सत्र न्यायालय कोरबा में न्यायाधीश के साथ, अधिवक्ताओं एवं समस्त कर्मचारियों ने किया योगाभ्यास।

आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला, कांग्रेस ने देश को तानाशाही की ओर धकेला - अनुज शर्मा।

कोरबा : आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला, कांग्रेस ने देश को तानाशाही की ओर धकेला - अनुज शर्मा।

आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला, कांग्रेस ने देश को तानाशाही की ओर धकेला - अनुज शर्मा।

आपातकाल ने छीनी थी जनता की आवाज, लोकतंत्र को बनाया गया था बंधक, मीडिया की आवाज दबाने का हुआ था प्रयास - अनुज शर्मा।

कोरबा (न्यूज उड़ान )भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा प्रेस क्लब, तिलक भवन कोरबा में आयोजित प्रेस वार्ता में धरसींवा विधायक एवं भाजपा नेता अनुज शर्मा ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए कहा कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश ने तानाशाही और दमन का दौर देखा।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सलाह पर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद द्वारा संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल लागू किया गया, जिसके बाद नागरिक अधिकारों को कुचल दिया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को निष्प्रभावी बना दिया गया।

अनुज शर्मा ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी के निर्वाचन को अवैध ठहराए जाने के बाद सत्ता बचाने के लिए आपातकाल लगाया गया। इसके साथ ही देशभर में विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों की गिरफ्तारियां शुरू हो गईं।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई, जॉर्ज फर्नांडिस सहित हजारों नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के लंबे संघर्ष और बलिदान से प्राप्त लोकतंत्र को कांग्रेस सरकार ने एक रात में समाप्त कर देश को तानाशाही की दिशा में धकेल दिया।

आपातकाल के दौरान संसद, न्यायपालिका और राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक संस्थानों की भूमिका कमजोर कर दी गई तथा संविधान में व्यापक संशोधन किए गए।

आपातकाल में कुचली गई अभिव्यक्ति की आजादी, पत्रकारों को भेजा गया जेल - अनुज शर्मा।

विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सबसे बड़ा प्रहार आपातकाल के दौरान हुआ।

अखबारों की बिजली काट दी गई, समाचारों पर सेंसरशिप लागू कर दी गई और पत्रकारों को जेल भेजा गया।

उन्होंने बताया कि हजारों समाचार पत्रों को जब्त किया गया तथा सैकड़ों पत्रकारों को मीसा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया। मीडिया पर सरकारी दबाव बनाकर लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को आपातकाल की सच्चाई से अवगत कराना आवश्यक है ताकि भविष्य में लोकतांत्रिक मूल्यों पर किसी प्रकार का आघात न हो सके।

भारतीय जनता पार्टी लगातार जनजागरण के माध्यम से लोकतंत्र की रक्षा और संविधान के प्रति जागरूकता का कार्य कर रही है।

प्रेस वार्ता में महापौर संजूदेवी राजपूत, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, जिला सह कोषाध्यक्ष नवीन अरोड़ा, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, जिला सह संयोजक सोशल मीडिया नीरज ठाकुर, मंडल अध्यक्ष डॉ राजेश राठौर, योगेश मिश्रा व राकेश नागरमल अग्रवाल सहित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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