कोरबा : कटघोरा क्षेत्र में संयुक्त दल की कार्रवाई, 90 क्विंटल अवैध धान जप्त।
Tue, Nov 25, 2025
कोरबा( न्यूज उड़ान)
कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशानुसार तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तन्मय खन्ना (आईएएस) के मार्गदर्शन में 24 नवम्बर 2025 को कटघोरा क्षेत्र में अवैध धान भंडारण पर सख्त कार्रवाई की गई।
तहसीलदार कटघोरा सूर्यप्रकाश केशकर, खाद्य निरीक्षक सुरेन्द्र लांझी, तथा कृषि उपज मंडी समिति कटघोरा के सहायक ग्रेड-2 राजेश झारिया से गठित संयुक्त जांच दल ने विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं गोदामों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कटघोरा, छिर्रा एवं पुरानी बस्ती क्षेत्र में कई व्यापारियों के दुकान सह गोदामों में अवैध रूप से भंडारित धान पाया गया।
जांच दल द्वारा नियमों के तहत धान को जप्त कर मंडी अधिनियम के प्रावधानों अनुसार आगे की कार्रवाई की गई तथा जप्त धान को विधिवत सुपुर्दगी में दिया गया।
जांच के दौरान कटघोरा क्षेत्र के व्यापारी दिलीप कुमार अग्रवाल के पास 16.80 क्विंटल, दुर्गा प्रसाद अग्रवाल के पास 11.20 क्विंटल, छिर्रा के भागवत प्रसाद जायसवाल के पास 16 क्विंटल तथा कटघोरा की पुरानी बस्ती के यतीश जायसवाल के पास 46 क्विंटल धान अवैध रूप से संग्रहित पाया गया।
कुल 90 क्विंटल धान जप्त किया गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य व्यवस्था को सुचारू एवं पारदर्शी बनाए रखने के लिए अवैध भंडारण तथा अनियमितताओं के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
प्रशासन ने व्यापारियों एवं नागरिकों से नियमों का पालन करने एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने की अपील की है।
कोरबा : मेहनत की फसल और सम्मान की कीमत-सिरमिना के किसानों ने बेचा धान। सिंचाई का पर्याप्त साधन नहीं होने के बाद भी बोते हैं धान
Tue, Nov 25, 2025
कोरबा( न्यूज उड़ान )
जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम सिरमिना में रहने वाले लगभग 80 वर्षीय किसान समुद्र राम कुर्मी, संतलाल, अनुराग जायसवाल, दिलदार साय, ग्राम कोठीखर्रा के रमेश साहू, ग्राम अटारी के रामलगन, ग्राम सिमगा के खुलेन्द्र, ग्राम घोंसरा के रामविलास ने इस वर्ष धान उपार्जन केंद्र सिरमिना में अपना पंजीयन कराया और आज केंद्र में अपनी मेहनत की फसल को बेचकर खुशी महसूस की।
वे सिंचाई की सुविधा न होने के बावजूद वे वर्षों से मेहनत कर धान की फसल लेते आ रहे हैं।
विपरीत परिस्थितियों में भी फसल बोने वाले किसानों द्वारा जब उपार्जन केन्द्र में धान बेची जाती है तो उन्हें एक अलग ही खुशी महसूस होती है।
किसान समुद्र राम कुर्मी, संतलाल, अनुराग जायसवाल, दिलदार साय, रमेश साहू, रामलगन, खुलेन्द्र, रामविलास बताते हैं कि उनके क्षेत्र में सिंचाई का कोई साधन नहीं है, इसलिए फसल निकालना बेहद कठिन होता है।
फिर भी जब मेहनत से उगाई गई फसल कटकर घर आती है, तो उनके चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलकती है।
धान उपार्जन केन्द्र सिरमिना में किसान खुलेन्द्र पिता करमन ने 110 क्विंटल, रामविलास ने 112 क्विंटल, संतलाल ने 73 क्विंटल, अनुराग जायसवाल ने 70 क्विंटल, रमेश साहू ने 49 क्विंटल, रामलगन ने 60 क्विंटल धान बेचा। इन सभी किसानों ने बताया कि धान उपार्जन केंद्र सिरमिना में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती।
किसानों का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को धान बेचने में बेहद सहूलियतें प्रदान की हैं।
समर्थन मूल्य के साथ ही आदान सहायता राशि भी मिलती है, जिससे प्रदेश के किसानों को देश में सबसे अधिक लाभ मिलता है।
धान उपार्जन केंद्र सिरमिना के प्रभारी प्रबंधक आनंद कौशिक ने बताया कि उनके केंद्र में 1783 किसान पंजीकृत हैं।
यहाँ किसानों के लिए पानी, शौचालय और छांव की समुचित व्यवस्था है। किसी को कोई असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाता है।
केंद्र में माइक्रो एटीएम की भी सुविधा उपलब्ध है, जिससे किसान तुरंत और आसानी से राशि निकाल सकते हैं। आगामी खरीदी सत्र 2025-26 के लिए 50 हजार बारदाना भी उपलब्ध रखे गए हैं, ताकि किसी तरह की कमी न हो।
कठिन परिस्थितियों में मेहनत करने वाले किसान समुद्र राम कुर्मी जैसे कृषक अपने संकल्प, परिवार के सहयोग और सरकार की सुविधाओं से न केवल फसल उगाने में सफल हो रहे हैं, बल्कि सम्मानजनक मूल्य भी प्राप्त कर रहे।