: सीजफायर समझौता सहमति के बाद शत्रु देश पाकिस्तान का पलटवार।
Vivek Sahu
Mon, May 12, 2025
फायरिंग के दौरान शहीद हुए BSF के SI मोहम्मद इम्तियाज, दुश्मन से लोहा लेते हुए पाई शहादत।
जम्मू/राजौरी / न्यूज उड़ान
सीजफायर का उल्लंघन करके पाकिस्तान ने भारत में गोलीबारी की जो रात के 10:50 बजे तक ताबड़तोड़ जारी रही।
जिला राजौरी के सुंदरबनी सेक्टर के ग्रामीणों ने प्रकृति गुफाओं में घुस कर जान बचाई। कुछ ही दूरी पर लोग लगातार हमारे संपर्क में थे।
गोलीबारी में बिहार के बीएसएफ सब-इंस्पेक्टर मो. इम्तियाज और जम्मू त्रिवा के सुनील कुमार सहित 4 जवान शहीद हुए हैं और 10 से ज्यादा घायल हैं।
जिनका उपचार जारी है घायलों में स्थानीय लोगों की गिनती अधिक है।
IFS सुरिंदर कुमार
आज रविवार को सेना जवान सुनील को पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई है जो स्थानीय जवान थे।
शनिवार को सीजफायर समझौता सहमति से पहले भी कईं सहित सिविल लोग और निवासी जम्मू रूपनगर हाउस न. 89 प्रशासनिक अधिकारी (एडीडीसी राजौरी) डॉ. राजकुमार थापा की पाकिस्तान फायरिंग से शहीद हो गए थे।
मिस्टर थापा अच्छे प्रशासनिक अधिकारी के साथ नेक इंसान भी थे।
वहीं बताते चलें कि पिता इम्तियाज की शहादत की सूचना मिलने पर उनका बेटा इमरान तुरंत जम्मू रवाना हो गए।
घर पर मो. इम्तियाज की बूढ़ी मां उम्मती बीबी हैं, उनकी पत्नी शहनाज अलीमा का हाल ही में ऑपरेशन हुआ है।
सुनील कमार
पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर शनिवार को सहमति बनी, लेकिन कुछ ही देर बाद पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी फिर शुरू हो गयी।
इस गोलीबारी में बिहार के छपरा के गड़खा थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी मो. इम्तियाज शहीद हो गए। जो जम्मू से सटे सीमा के बीएसएफ आउटपोस्ट पर तैनात थे।
BSF के सब-इंस्पेक्टर मो. इम्तियाज ने अपने साथियों को बचाते हुए जान की कुर्बानी दे दी।
उनकी शहादत की सूचना बूढ़ी मां और बीमार पत्नी को नहीं दी गयी है, मां बुजुर्ग है और पत्नी का हालही में आपरेशन हुआ है। आज देर शाम तक मो. इम्तियाज का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया जाएगा।
उनका छोटा भाई भी देश सेवा में है बताते चलें कि शहीद का पार्थिव शरीर उनका बेटा लेने खुद जम्मू में आया है।
शहीद एसआई जवान इम्तियाज ईद पर गया था घर।
सूबेदार मेजर पवन कुमार:- जो हिमाचल प्रदेश से थे, जिला पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में तैनात थे।
शनिवार की सुबह पाकिस्तानी तोप का गोला उनके चौकी के पास फटा और वे शहीद हो गए।
राइफलमैन सुनील कुमार:- जिनकी उम्र 25 साल थी और वे जम्मू लाइट इन्फेंट्री में थे, आरएस पुरा सेक्टर में रात भर हुई गोलीबारी और गोलाबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उपरांत दम तोड़ दिया।
सार्जेंट सुरेंद्र कुमार मोगा:- जो 36 साल के थे और IAF के 36 विंग में मेडिकल असिस्टेंट के तौर पर काम करते थे, जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में तैनात थे।
पाकिस्तानी सेना के हमले में उनकी जान चली गई।
शनिवार को पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलीबारी में 25 से ज्यादा लोग घायल हैं जिसमें 10 भारतीय जवान भी है।
जानकारी के लिए बताते चलें कि भारत पाक नियंत्रण सीमा रेखा व आईबी पर अलर्ट जारी है।
लोग अभी भी बेघर हैं पाकिस्तानी हमले में माल मवेशियों भी मारे गए हैं जिसमें अधिकतर गंभीर हालत में तड़प रहे हैं।
रिपोर्ट.......अनिल भारद्वाजTags :
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