: जम्मू-कश्मीर में दो स्थानीय आतंकियों के रिहायशी घरों को किया तबाह ।
Vivek Sahu
Fri, Apr 25, 2025
जम्मू/ न्यूज उड़ान
आतंक ग्रस्त प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सेना के जवान एक्शन मोड में है।
शुक्रवार को जवानों ने आतंकी हमले में शामिल दो स्थानीय आतंकियों के घर तबाह कर दिए।
जम्मू कश्मीर के युवा स्थानीय आतंकी पाकिस्तान से प्रशिक्षण लेकर जम्मू कश्मीर में तबाही मचा रहे थे।
जिनका तालुक पाकिस्तान आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से था। वहीं आतंकी हमलों से खफा लोगो में केंद्र सरकार और एलजी सिन्हा के खिलाफ काफी गुस्सा देने को मिल रहा है।
आतंकियों को मारने के बाद सहानूभूति दी जाती है। उनको गंदगी के ढेर पर जलाना चाहिए। दूसरी और हंदवाड़ा पुलिस प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों के ठिकानों पर भी तलाशी ले रही है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबल लश्कर के दो आतंकियों आदिल हुसैन थोकर और आसिफ शेख के घरों के अंदर तलाशी ले रहे थे, तभी एक घर के अंदर पहले से रखे विस्फोटकों में धमाका हो गया।
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबेहरा ब्लॉक के गुरी गांव का निवासी आदिल थोकर पर पहलगाम हमले में शामिल था।
ऐसा बताया गया है इन आतंकियों को मोस्ट वांटेड घोषित किया गया है और अनंतनाग पुलिस ने उनके बारे में किसी भी विशेष जानकारी के लिए 20 लाख रुपये भारतीय करंसी का इनाम घोषित किया है।
आदिल ने 2018 में वैध तरीके से पाकिस्तान की यात्रा की थी, जहां उसने कथित तौर पर पिछले साल जम्मू-कश्मीर लौटने से पहले आतंकी प्रशिक्षण प्राप्त किया था। वहीं, पुलवामा जिले के त्राल का निवासी शेख पर हमले की साजिश में शामिल होने का संदेह है।
वहीं, आसिफ शेख का घर बुलडोजर द्वारा तबाह किया गया है।
आतंकी के घर तलाशी के दौरान जवानों ने वहां एक आईडी और कुछ अन्य विस्फोटक को देखा।
उसी समय सुरक्षाबल बाहर निकले ताकि बम निरोधक दस्ते की मदद से उक्त विस्फोटक को अपने कब्जे में ले सकें।
लेकिन जैसे ही सुरक्षाबलों की टीम बाहर निकली अचानक धमाका हो गया। आसिफ शेख गत दिनों बैसरन पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले में शामिल आतंकियों में एक है ऐसा बताया जा रहा है।
वहीं हंदवाड़ा पुलिस प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों के ठिकानों पर तलाशी ले रही है।
बता दें कि कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले से 25 पर्यटकों और एक कश्मीरी युवा की जान चली गई थी। यह हमला देश के लिए बड़ा आघात था।
हमले से तंग जम्मू कश्मीर के लोगों का कहना है कि पहलगांव अटैक के बाद 24 अप्रैल को नेशनल सिक्योरिटी कमेटी की बैठक बुलाई गई।
इससे पहले एनएससी कहां थी। जम्मू कश्मीर के लोग 370 धारा हटाने के बाद भी असुरक्षित हैं।
सुरक्षा के दावे मात्र टीवी चैनलों और अखबारों की हेडलाइन में किए जाते हैं।
जम्मू कश्मीर में ड्यूटी देने वाला फौजी भी परेशान है। जेके पुलिस जवानों के पास हेलमेट की कमी है। जवान को कूड़े से उठाकर हेलमेट पहनाई जाती है।
आतंकी मुठभेड़ स्थल पर पुलिस जवान को पी केप पहना भेजा जाता है।
सीमावर्ती जिला राजौरी में फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर देखे जाते हैं एजेंसियां और प्रशासन उन्हें हल्के में लेते हैं।
केन्द्र सरकार के प्रति जम्मू कश्मीर के लोगों में रोष भी देखा जा रहा है और प्रदेश में शांति चाहने वाले लोग आतंकी हमले से खफा है।
शुक्रवार लोगों ने बताया कि सोचने वाली बात यह है की आखिर ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पहले क्यों नहीं की जाती। अगर जम्मू कश्मीर में कोई आतंकी मारा गिराया जाता है तो उसका जनाजा पढ़ाया जाता है और जमीन भी दी जाती है।
जिसका खामियाजा देश की आवाम आज भी भुगत रही है। मारे जाने वाले आतंकियों और उनके साथियों को कूड़े कचरे के ढेर पर फेंक कर जला दिया जाना चाहिए।
फोटो कैप्शन _
1_आतंकी का ध्वस्त किया गया रिहायशी घर
रिपोर्ट......अनिल भारद्वाजTags :
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